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ख्वाहिश है, अजंता-एलोरा के भित्ति चित्रों को टैक्सचर के माध्यम से बनाऊं- वरिष्ठ चित्रकार चमन
वरिष्ठ चित्रकार चमन को बाल शिक्षा परिषद, कला भूषण, आई फैक्स, ललित कला अकादमी के कई पुरस्कारों के अलावा तमाम राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। कला के क्षेत्र में इनका इतना व्यापक असर रहा है कि मदर टेरेसा, पंडित रविशंकर, हरिवंश राय बच्चन, अमृता प्रीतम, सोहनलाल द्विवेदी के अलावा देश-विदेश की कई शख्सियत इनकी पेंटिग देखने घर तक आ चुके हैं। वह कहते हैं, सबसे पहले समाज में हम अपने आस-पास संस्कृति को महसूस करते रहे हैं। समाज जीवन के तमाम रंगों को महसूस करना किताब की तरह होता है। भावनाओं को व्यक्त करने के लिए कला भी एक सार्थक माध्यम है। मुझे बचपन से पेटिंग का शौक था। घर में पहले इस विधा से कोई जुड़ा नहीं था। घर का माहौल काफी अध्यात्मिक था। घर के लोग धार्मिक भावना से जुड़े थे। बचपन से पढ़ाई में ड्राइंग मेरा प्रिय विषय रहा। शुरू से ही पढ़ाई के दौरान मैं अपने से बड़ी कक्षाओं के छात्रों की ड्राइंग बनाता था। कई महत्वपूर्ण पत्रिकाओं में मेरे चित्र समय-समय पर प्रकाशित होते रहे हैं। मैंने 1958 में चमन स्कूल आफ आर्ट स्कूल खोला, जिसमें शहर के तमाम ड्राइंग के छात्र आज भी ...
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